जलवंशीय मांझी समाज का परिचय सम्मेलन 1 फरवरी 2026 को जबलपुर में आयोजित होगा

जलवंशी माझी समाज का परिचय सम्मेलन 1 फरवरी 2026 को जबलपुर में आयोजित किया जा रहा है यह कार्यक्रम जलवंशीय मांझी समाज शिक्षा एवं सेवा समिति जबलपुर के तत्वाधान में आयोजित इस सम्मेलन में निषाद ,माझी ,मल्लाह ,केवट ,कश्यप , बर्मन रैकवार,सोंधिया, सिंगराहा , बिंद, बिनाके,बाथम आदि जाति उपजातियां परिचय सम्मेलन एवं आदर्श विवाह में शामिल हो सकेंगी। समाज के विवाह योग्य युवक युवती का परिचय कराया जाएगा और जोड़े तय हो जाने पर युवक युवतियों का आदर्श विवाह कराया जाएगा यह भव्य समारोह नर्मदा के तट पर बसे मध्यप्रदेश के जबलपुर शहर में गोकलपुर सामुदायिक भवन में आयोजित किया जाएगा जिसमें प्रदेश भर के सामाजिक परिवारों के युवक युवतियां शामिल होंगे।
परिचय सम्मेलन पारिवारिक मूल्य सामाजिक परंपराओं एवं संस्कृतियों को बनाए रखने में सहायक होता है। जलवंशीय माझी समाज शिक्षा एवं सेवा समिति की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती भूमि रैकवार ने समाज के सभी लोगों से विनम्रता पूर्वक उपस्थित होने का आग्रह किया है इस हेतु सामाजिक सम्मेलन का लाभ उठाने का विनम्र निवेदन समाज जनों से किया है श्री रैकवार ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी हम आदर्श विवाह एवं परिचय सम्मेलन का आयोजन जबलपुर शहर में कर रहे हैं जिसमें समाज के योग्य युवतियां का विवाह कराया जाएगा और ऐसे ही युवक युवतियों का भी विवाह निशुल्क कराया जाएगा जो आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर हैं ।

जलवंशियों की पहचान जल से रही है जिनका प्रमुख कार्य नाव चलाना और जली खेती करना है प्रभु श्री राम के शाखा भगवान निषादराज और केवट हमारे प्रेरक भी हैं और पूजनीय भी हैं कर्म ही पूजा है और सेवा ही सच्चा धर्म होता है जलवंशीय माझी समाज इसी भावना से अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
जलवंशीय माझी समाज की संरक्षक सरस्वती सोंधिया ने कहा जलवंशी माझी समाज का परिचय सम्मेलन न केवल भावी जीवन साथी को मिलने का एक मंच है बल्कि यह सदियों पुरानी मांझी संस्कृति और सामुदायिक संकल्प को सुधारण करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास भी है यह आयोजन समाज की विशिष्ट पहचान और उनके जीवंत रीति रिवाज को दर्शाने वाला एक भव्य आयोजन है आज की युवा पीढ़ी को हमारी जलवंशी संस्कृति से परिचित कराने के लिए समाज के सभी लोगों को ऐसे आयोजनों में भाग लेना चाहिए आप सभी से मेरा विनम्र निवेदन है की आप अपने पूरे परिवार के साथ इस कार्यक्रम में शामिल हो और हमारे बच्चों को भी जलवंशीय संस्कृति से परिचित कराएं।
जलवंशीय माझी समाज जबलपुर के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश रैकवार का कहना है युवक युवती परिचय सम्मेलन जीवनसाथी खोजने के साथ ही समाज के अलग-अलग परिवारों के बीच नए रिश्ते समझने का अवसर भी है यह सम्मेलन पारिवारिक विश्वास को मजबूत करने वाला उपक्रम है समाज के ऐसे समागमों से हमें अपने शिल्प और संस्कारों को असली पीढ़ी तक पहुंचने में मदद मिलती है इसलिए मेरा विनम्र आप सभी से आग्रह है कि 1 फरवरी 2026 को जबलपुर में हो रहे समाज के परिचय एवं वैवाहिक सम्मेलन में हिस्सा लेकर सहयोग करें ताकि यह कार्यक्रम आपकी गरिमामयी उपस्थिति के साथ संपन्न हो सके।
संस्कारों की धनी है जलवंशीय संस्कृति – जलवंशीय मांझी समाज शैक्षणिक एवं सेवा समिति जबलपुर की सदस्य श्रीमती कृष्णा बर्मन ने कहा संस्कारों की धनी संस्कारधानी मां नर्मदा तट के किनारे बस एक महानगर जबलपुर है जहां जलवंशियों का बहुत बड़ा समुदाय सदियों से निवास करता आया है मांझी समाज मुख्य रूप से नदियों जिलों और जल स्रोतों से जुड़ा हुआ समाज है उनके जीवन शैली पारंपरिक व्यवसाय मछली पालन करना नाव चलाना यहां तक की उनकी भाषा और लोकगीतों में भी जल की महत्वता स्पष्ट रूप से झलक दी है समाज के इस परिचय सम्मेलन में भी भाभी जीवन साथियों के चयन में सामाजिक और भौगोलिक सामंजस पर जोर दिया जाता है जो उनके जल तटो के पास रहने की परंपरा से जुड़ा है।
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Prabhat umang धीवर समुदाय के एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं और लेखक हैं उन्हें लेखन का एक लंबा अनुभव है प्रभात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दैनिक स्वदेश , दैनिक स्वदेश ज्योति और नव स्वदेश समाचार पत्र में सहायक लेखक के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं प्रभात उमंग एक कुशल सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं उन्होंने धीवर समुदाय के समाज हित में सेवा कार्य किया है समाज कार्य के क्षेत्र का उन्हें एक अच्छा अनुभव है prabhat umang एक शोधकर्ता भी है