छत्तीसगढ़ सियासत में महाभूकंप! दिल्ली दरबार में ‘मछुआरा समाज’ का बड़ा पावर शो, BJP आलाकमान से मांग लीं इतनी सीटें!

नई दिल्ली / रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक ऐसा नया समीकरण आकार ले रहा है, जिसने राज्य के बड़े-बड़े राजनीतिक पंडितों के पसीने छुड़ा दिए हैं। दिल्ली स्थित भाजपा के केंद्रीय कार्यालय में एक ऐसी गुप्त और उच्च-स्तरीय रणनीतिक बैठक हुई है, जिसकी खबर छनकर बाहर आते ही छत्तीसगढ़ के सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है।
राष्ट्रीय मछुवारा संघ के छत्तीसगढ़ नेतृत्व ने सीधे भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष के साथ बंद कमरे में मैराथन बैठक की। इस बैठक में जो आंकड़े और मांगें टेबल पर रखी गईं, उसने छत्तीसगढ़ की सत्ता के समीकरण को पूरी तरह हिलाकर रख दिया है।
छत्तीसगढ़ की ‘तीसरी सबसे बड़ी ताकत’ का फूटा दावा!

बैठक में छत्तीसगढ़ से गए प्रतिनिधिमंडल ने साफ और कड़े शब्दों में केंद्रीय नेतृत्व को अपनी ताकत का अहसास कराया।
जनसंख्या का महा-दावा: संघ ने साफ किया कि आबादी के लिहाज से मछुआरा समाज छत्तीसगढ़ प्रदेश में तीसरी सबसे बड़ी ताकत है।
मिशन 10 विधानसभा: इस विशाल जनाधार के दम पर संघ ने आगामी चुनावों के लिए कम से कम 10 विधानसभा सीटों पर प्रत्यक्ष टिकट (भागीदारी) की पुरजोर मांग रख दी है।
तालाब आवंटन पर सीधी जंग: राजनीति के साथ-साथ समाज ने अपने पारंपरिक हक को लेकर भी हुंकार भरी है। प्रशासनिक नीतियों को सरल बनाकर तालाब आवंटन सीधे पारंपरिक मछुआरों के हक में करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
दिल्ली दरबार में छत्तीसगढ़ के इन 4 महारथियों ने संभाली कमान

भाजपा आलाकमान के सामने छत्तीसगढ़ के इस सबसे बड़े ‘पावर शो’ का नेतृत्व समाज के इन प्रमुख चेहरों ने किया
राष्ट्रीय मछुआ संघ छत्तीसगढ़ की प्रदेश प्रमुख श्रीमती धीवर गायत्री गायग्वाल जिन्होंने समाज की महिला शक्ति, नीतिगत विषयों और राजनीतिक हिस्सेदारी की बात को पूरी आक्रामकता और मजबूती से आलाकमान के सामने रखा। इसे भी पढ़ें (धीवर समाज का वैदिक इतिहास)
श्री ओमप्रकाश धीवर (महासचिव): जिन्होंने छत्तीसगढ़ के पारंपरिक मछुआरा समाज की जमीनी हकीकत, तालाब आवंटन की जटिलताओं और प्रशासनिक तानाशाही का पूरा कच्चा चिट्ठा बी.एल. संतोष के सामने खोलकर रख दिया।
श्री सुरेश ढीमर (प्रदेश अध्यक्ष, युवा प्रकोष्ठ): जिन्होंने राज्य के युवाओं की सांगठनिक ऊर्जा और युवाओं की राजनीतिक आकांक्षाओं से केंद्रीय नेतृत्व को रूबरू कराया।
श्री हेमंत धीवर: जो इस पूरी रणनीतिक चर्चा के मुख्य रणनीतिकार के रूप में शामिल रहे।
युवाओं के दम पर ‘मिशन 10’: हर विधानसभा में घेराबंदी की तैयारी!
इस बैठक की सबसे इनसाइड स्टोरी यह है कि अब समाज ‘युवाओं के दम पर जंग’ जीतने की तैयारी में है। युवा विंग के अध्यक्ष सुरेश ढीमर की अगुवाई में छत्तीसगढ़ के कोने-कोने में युवाओं को लामबंद करने का एक सीक्रेट ब्लूप्रिंट तैयार किया गया है।
इनसाइड रिपोर्ट: मछुआरा समाज अब अपने युवाओं के सहारे उन सभी 10 लक्षित विधानसभाओं में एक बड़ा सांगठनिक दबाव बनाने जा रहा है, जहाँ उनकी आबादी निर्णायक भूमिका में है। अगर टिकट नहीं मिला, तो यह दबाव पार्टी के लिए भारी पड़ सकता है।
बी.एल. संतोष ने दिया बड़ा भरोसा, अब आगे क्या?
मछुआरा समाज के इस आक्रामक रुख को भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष ने बेहद गंभीरता से सुना। उन्होंने समाज की सक्रियता की सराहना की और आश्वस्त किया कि
”भाजपा हमेशा से हर समाज के आनुपातिक प्रतिनिधित्व (आबादी के हिसाब से हिस्सेदारी) के प्रति गंभीर रही है। आपकी इन राजनैतिक आकांक्षाओं पर संगठन के शीर्ष स्तर (केंद्रीय चुनाव समिति) पर सकारात्मक विचार किया जाएगा।”
राजनीतिक पंडितों की राय: बदल जाएंगे सारे समीकरण
दिल्ली दरबार में तीसरी बड़ी आबादी के इस सीधे दावे और 10 सीटों की मांग ने छत्तीसगढ़ की स्थानीय राजनीति में ‘मछुआरा फैक्टर’ को किंगमेकर की भूमिका में लाकर खड़ा कर दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी इस बड़ी आबादी को साधने के लिए क्या कदम उठाती है, क्योंकि अगर यहाँ चूक हुई, तो छत्तीसगढ़ की सत्ता का गणित बिगड़ सकता है।इसे भी पढ़ें (धीवर समाज के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी)
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Prabhat umang धीवर समुदाय के एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं और लेखक हैं उन्हें लेखन का एक लंबा अनुभव है प्रभात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दैनिक स्वदेश , दैनिक स्वदेश ज्योति और नव स्वदेश समाचार पत्र में सहायक लेखक के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं प्रभात उमंग एक कुशल सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं उन्होंने धीवर समुदाय के समाज हित में सेवा कार्य किया है समाज कार्य के क्षेत्र का उन्हें एक अच्छा अनुभव है prabhat umang एक शोधकर्ता भी है