स्वर्ण पदक विजेता खुशबू निषाद का जलवंशीय मांझी समाज दतिया ने किया भव्य स्वागत

भारत की मार्शल आर्ट सनसनी और एम एम ए वर्ल्ड चैंपियन स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाली खुशबू निषाद नंदा पहली बार मध्य प्रदेश पहुंची जहां मध्य प्रदेश के दतिया जिले में खुशबू निषाद नंदा का विश्व के पहले रजिस्टर्ड मांझी महिला संगठन जलवंशीय मांझी समाज मध्यप्रदेश ने भव्य स्वागत किया जलवंशी माझी समाज ने अपनी निषाद वंश की गौरवशाली परंपरा के अनुरूप खुशबू का भव्य स्वागत किया ढोल नगाड़ों की थाप, पुष्प की वर्षा और गगन भेदी नारों के बीच खुशबू का अभिनंदन किया जलवंशी माझी समाज मध्य प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती भारती मां जी ने उन्हें जलवंशीय मांझी समाज के स्मृति चिन्ह और साल भेंट कर सम्मानित किया।
दतिया मध्य प्रदेश में आयोजित कार्यक्रम में खुशबू ने अपनी सफलता का श्री माता-पिता गुरुजनों और शुभचिंतकों को दिया है उन्होंने कहा कि वह आगे भी देश के लिए बेहतर प्रदर्शन करने का प्रयास करेंगे खुशबू ने युवाओं से अपील की कि वह लक्ष्य तय करके निरंतर मेहनत करें सफलता अवश्य मिलेगी। सोशल मीडिया खुशबू निषाद नंदा के की वीडियो वायरल है जिसमें वह युवाओं को कड़ी मेहनत और चुनौतियों का डटकर सामने करने की सलाह देती है खुशबू का कहना है कि आज के दौर के युवा जल्दी लक्ष्य से भटक जाते हैं उन्हें एकाग्रता के साथ दृढ़ संकल्पित होना चाहिए।
जलवंशीय मांझी समाज मध्य प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा मार्शल आर्ट जैसे चुनौती पूर्ण खेल में जहां शारीरिक और मानसिक शक्ति की पराकाष्ठा की परीक्षा होती है खुशबू निशा नंदा ने खुद को एक कुशल योद्धा के रूप में स्थापित किया है उनकी कहानी एक छोटे सपने से शुरू होकर अंतरराष्ट्रीय पोडियम तक पहुंचने की प्रेरणादायक यात्रा है।
उत्तर प्रदेश प्रयागराज में जन्मी भारत की बेटी खुशबू निषाद ने लेबनान में हुई IMMAF एशियाई और MMA चैंपियनशिप 2025 में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया खुशबू ने 47.6 किलोग्राम एटम वेट कैटेगरी में तजाकिस्तान की फाइटर बर्फीना रहमतुल्लोजोदा को हराया इस क्षेत्र में भारत देश के लिए गोल्ड मेडल लाने वाली देश की पहली महिला चैंपियन खुशबू बन गई हैं खुशबू के पिता नंदलाल निषाद पूर्व पार्षद हैं उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में खुशबू निषाद का परिवार करेला बाग स्थित आवास में निवास करता है। भारत के लिए गोल्ड मेडल लाने वाली विश्व विजेता खुशबू के पिता बेटी के इस उपलब्धि को हासिल करने पर बेहद खुश हैं।
मिक्स मार्शल आर्ट की दुनिया में भारत का नाम पूरे वर्ल्ड में रोशन करने वाली खुशबू निषाद नंदा महिला सशक्तिकरण और खेल भावना की एक जीती जागती मिशाल हैं उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और अटूट संकल्प के दम पर स्वर्ण पदक जीत कर देश को गौरवान्वित किया है।
खुशबू निषाद का प्रारंभिक जीवन –खुशबू निषाद को खेल की दुनिया में कदम रखना आसान नहीं था मार्शल आर्ट को अक्सर पुरुषों का खेल माना जाता है लेकिन खुशबू ने सामाजिक रूढ़ियों को तोड़ते हुए रिंग में उतारने का फैसला लिया खुशबू निषाद ने अपनी प्रारंभिक ट्रेनिंग के दौरान कई चुनौतियों का सामना किया लेकिन उनके परिवार के सहयोग और उनके जुनून ने उन्हें कभी रुकने नहीं दिया उन्होंने कुश्ती मुक्केबाजी, जिउ- जित्सु जैसी कई विधाओं में महारत हासिल की है।
खुशबू निषाद का प्रशिक्षण और अनुशासन- एक एम एम ए फाइटर के रूप में खुशबू का दिन बहुत कठिन होता है खुशबू प्रतिदिन सुबह शाम घंटे तक चलने वाला फिजिकल ट्रेनिंग सेशन करती हैं उनका वर्कआउट बेहद कठिन होता है रिंग में दबाव झेलने के लिए वह ध्यान और मानसिक अभ्यास पर जोर देती हैं।
नोट – आपको हमारा यह लेख कैसा लगा कमेंट करके जरूर बतायें यदि आपको हमारा यह लेख अच्छा लगा हो तो लाइक शेयर करना ना भूले निषाद समाज से जुड़ी सभी अपडेट्स पाने के लिए बने रहिए आपके अपने न्यूज पोर्टल प्रभात की कलम पर जहां आपको हम निषाद, जलवंशी मांझी समाज की खबरें विशेष रूप से लेकर आते हैं यदि आप हमें किसी प्रकार का सुझाव देना चाहते हैं या फिर आप हमसे संपर्क करना चाहते हैं तो आप हमें ईमेल prabhatkikalam@gmail.com की कलम पर भेज सकते हैं।
Prabhat umang धीवर समुदाय के एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं और लेखक हैं उन्हें लेखन का एक लंबा अनुभव है प्रभात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दैनिक स्वदेश , दैनिक स्वदेश ज्योति और नव स्वदेश समाचार पत्र में सहायक लेखक के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं प्रभात उमंग एक कुशल सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं उन्होंने धीवर समुदाय के समाज हित में सेवा कार्य किया है समाज कार्य के क्षेत्र का उन्हें एक अच्छा अनुभव है prabhat umang एक शोधकर्ता भी है