धीवर आरक्षण सामाजिक पृष्ठभूमि संवैधानिक स्थिति और वर्तमान परिदृश्य की एक समीक्षा

प्रस्तावना– भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को सामाजिक न्याय और समानता का अधिकार देता है इसी संवैधानिक भावना के तहत समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों को मुख्य धारा में लाने के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई है पिछले कुछ समय से मध्य प्रदेश में धीवर समुदाय के आरक्षण और सामाजिक वर्गीकरण (Classification)का विषय कानूनी और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का केंद्र रहा है।
Prabhat umang धीवर समुदाय के एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं और लेखक हैं उन्हें लेखन का एक लंबा अनुभव है प्रभात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दैनिक स्वदेश , दैनिक स्वदेश ज्योति और नव स्वदेश समाचार पत्र में सहायक लेखक के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं प्रभात उमंग एक कुशल सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं उन्होंने धीवर समुदाय के समाज हित में सेवा कार्य किया है समाज कार्य के क्षेत्र का उन्हें एक अच्छा अनुभव है prabhat umang एक शोधकर्ता भी है