राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू से मध्य प्रदेश में जलवंशीय निषाद माझी समाज की बेटी कोमल बाथम की मुलाकात

राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू से कोमल बाथम की मुलाकात महिला सशक्तिकरण और संघर्ष की विजय का एक प्रेरक अध्याय है साल 2023 में हुई यह भेंट मार्च एक शिष्टाचार मुलाकात नहीं थी बल्कि जलवंशीय निषाद माझी समाज के उन लाखों युवाओं के लिए आशा की कारण थी जो अभावों में बड़े सपने देखते हैं।
कोमल बाथम- संघर्ष से सम्मान तक का सफर- जब हौसले बुलंद और इरादे फौलादी तुम मंजिल भी खुद ब खुद कदम चूमती है मध्य प्रदेश के ग्वालियर में रहने वाली निषादवंशी माझी कोमल बाथम की कहानी कुछ ऐसी ही है ग्वालियर मध्य प्रदेश में रहने वाली कोमल बात हम जिन्होंने अपने सेवा कार्य और कला प्रतिभा के दम पर महामहिम राष्ट्रपति से मुलाकात की । साल 2023 में भारत की राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू के साथ कोमल बाथम की मुलाकात ने देशभर का ध्यान अपनी ओर खींचा और यह साबित कर दिया की प्रतिभा किसी पहचान या अमीरी की मोहताज नहीं होती। मध्य प्रदेश के निषाद समाज में प्रतिभाशाली युवाओं की कोई कमी नहीं है ऐसा ही एक उदाहरण है ।

जलवंशीय निषाद माझी समाज की बेटी कोमल बाथम बहुमुखी प्रतिभा की धनी है एक साधारण परिवार से होने के बावजूद भी उनकी उपलब्धियां असाधारण है उन्होंने विपरीत परिस्थितियों मे अपने सेवा कार्य के जुनून और कल के प्रति समर्पण भाव को लगातार जारी रखा है जिस कारण उन्हें महामहिम राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू से मुलाकात का सुअवसर प्राप्त हुआ। भारत की राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू अटल बिहारी वाजपेई भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान ग्वालियर के चतुर्थ दीक्षांत समारोह 2023 में ग्वालियर पहुंची थी। स्थानीय प्रशासन द्वारा जब कोमल बाथम की सेवा कार्य और प्रतिभा के बारे में महामहिम को जानकारी मिली तो उन्होंने कोमल बाथम को मुलाकात करने के लिए आमंत्रित किया।

कोमल बाथम जुग्गी झोपड़ियां में रहने वाले अनाथ गरीब बच्चों को निशुल्क शिक्षा प्रदान करती हैं उनकी नियमित क्लास लगाती हैं ताकि राष्ट्र की भविष्य की नींव मजबूत हो सके कपड़ा बैंक की शुरुआत कर जरूरतमंदों को कपड़े पहुंचती हैं ताकि फुटपाथ पर रहने वाले गरीब लोग ठंड से खुद को बचा सके वह समाज के सक्षम वर्ग से कपड़े एकत्रित करती हैं और समाज की पीछे की पंक्ति में खड़े उन जरूरतमंदों तक खुद जाकर कपड़े बाटती हैं इतना ही नहीं गर्मियों के दिनों में मुंह पक्षियों और पशुओं के लिए भोजन पानी की व्यवस्था करती हैं गौ माता की सेवा भी करती हैं घायल पशुओं को डॉक्टर के पास ले जाकर उपचार प्रदान करती हैं पिछले 5 सालों से उनका यह सेवा कार्य निरंतर जारी है।

कला में माहिर है कोमल- कोमल पेंटिंग कला और मूर्ति कला में भी माहिर है उन्होंने कई सारी भगवान की मूर्तियों का निर्माण किया है कोमल बाथम चित्रकला में माहिर आर्टिस्ट है कोमल बाथम ने महामहिम राष्ट्रपति का चित्र बनाकर उन्हें मुलाकात के दौरान भेंट किया है महामहिम कोमल बाथम के सेवा कार्य से बेहद प्रभावित हुई है उन्होंने कोमल की कला और सेवा की सराहना की है।
कला की साधना को मिला सम्मान: ग्वालियर की कोमल बाथम ने बढ़ाया निषाद माझी समाज का मान

कोमल बाथम को मिला राष्ट्रपति का स्नेह – मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति ने न केवल निषादवंशी कोमल के कार्यों की सराहना की बल्कि उनके संघर्ष यात्रा को सुनकर भावुक भी हुई थी। राष्ट्रपति मुर्मू जो स्वयं एक साधारण परिवेश से निकालकर इस पद तक पहुंची हैं उनके लिए कोमल जैसी बेटियों नए भारत की असली शक्ति हैं कोमल बाथम जैसी बेटियों यह सिद्ध करती हैं की सफलता संसाधनों की मोहताज नहीं बल्कि संकल्प की अनुगामी होती है राष्ट्रपति से कोमल बाथम की यह मुलाकात आने वाली पीढ़ियों के लिए 1 मार्गदर्शिका है यह याद दिलाती है कि यदि आपके पास एक उद्देश्य है और उसे पूरा करने का साहस है तो संघर्ष की कठिनाइयों की दूरी आपका जुनून से बड़ी नहीं है कोमल की सफलता हर उसे भारतीय बेटी की जीत है जो समाज को बेहतर बनाने का सपना देखती हैं।

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Prabhat umang धीवर समुदाय के एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं और लेखक हैं उन्हें लेखन का एक लंबा अनुभव है प्रभात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दैनिक स्वदेश , दैनिक स्वदेश ज्योति और नव स्वदेश समाचार पत्र में सहायक लेखक के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं प्रभात उमंग एक कुशल सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं उन्होंने धीवर समुदाय के समाज हित में सेवा कार्य किया है समाज कार्य के क्षेत्र का उन्हें एक अच्छा अनुभव है prabhat umang एक शोधकर्ता भी है
बहुत-बहुत बधाईयाँ
आप आगे बड़े और अच्छा करें.
कला को निखारे,
अपनी कला को लोगों और बच्चों तक पहुंचाये.
हमारा सबका आपको आशिर्वाद और सहयोग रहेगा.
Thank you
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