बैंकॉक में जबलपुर का जलवा नारायण प्रसाद रैकवार ने थाईलैंड ओपन मास्टर्स गेम्स में जीता गोल्ड मेडल

प्रतिभा की कोई उम्र नहीं होती भाई हर उम्र में अपने सामने आती है संस्कारधानी जबलपुर प्रतिभाशाली खेल योद्धाओं की भूमि है जहां कई सारे प्रतिभाशालियो ने खेल जगत में देश नहीं बल्कि दुनिया भर में संस्कारधानी जबलपुर को गौरवान्वित किया है ऐसे ही जबलपुर के रांझी निवासी रामायण प्रसाद रैकवार हैं जिन्होंने थाईलैंड में आयोजित ओपन मास्टर गेम्स 2025 में भारत को गोल्ड मेडल दिलाया है।
यह केवल जबलपुर के लिए नहीं बल्कि संपूर्ण भारत के लिए ,जलवंशीय माझी समाज निषाद समाज के लिए एक गौरवशाली क्षण है बैंकॉक की धरती पर नारायण प्रसाद रैकवार ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से तिरंगा लहराकर यह साबित कर दिया कि उम्र और बधाए केवल एक संख्या है खेल की दुनिया में जब जज्बा और अनुभव मिलता है तो इतिहास रच जाता है। 9 से 11 जनवरी 2026 तक थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में आयोजित छठे थाईलैंड ओपन मास्टर्स गेम में जबलपुर के गौरव नारायण प्रसाद रैकवार ने स्वर्ण पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय पटल पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है।
सांस्कृतिक जड़ों से वैश्विक शिखर तक- नारायण प्रसाद रैकवार ढीमर निषाद समाज से आते हैं एक ऐसा समुदाय जिसका जल और शक्ति से सदियों से पुराना नाता रहा है उनकी यह जीत केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि उनके समाज की जीवतता और संघर्ष का प्रतीक है बैंकॉक के खेल मैदान में जब उन्हें स्वर्ण पदक पहनाया गया तो वह पल जबलपुर के हर नागरिक के लिए भावुक कर देने वाला था।
नारायण प्रसाद रैकवार ने “प्रभात की कलम” से खास बातचीत कर बताया कि पहले उन्होंने रीवा मध्य प्रदेश में आयोजित राज्य स्तरीय ओपन मास्टर गेम्स में भाग लिया और प्रदेश स्तरीय गेम में भी उन्होंने गोल्ड मेडल जीता और संस्कारधानी का नाम रोशन किया इसके बाद 30 लोगों की भारतीय टीम बनी जिसमें संस्कारधानी के नारायण प्रसाद रैकवार का भी चयन हुआ और थाईलैंड में आयोजित ओपन मास्टर गेम्स 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने भारत के लिए गोल्ड मेडल हासिल किया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्वर्ण स्पर्धा में भाग लेना और पदक जीतना कोई साधारण बात नहीं है वरिष्ठ खिलाड़ी रैकवार जी ने अपनी आयु वर्ग में जिस अनुशासन और खेल भावना का परिचय दिया वह युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है थाईलैंड ओपन मास्टर्स गेम में स्वर्ण पदक जीतकर नारायण प्रसाद रैकवार ने खेल जगत में मध्य प्रदेश का मान बढ़ाया है उनकी यह स्वर्णिम सफलता आने वाली पीढियां को खेल के प्रति जागरूक करेगी और उन्हें बड़े सपने देखने का साहस प्रदान करेगी।
ढीमर समाज में खुशी की लहर- उनकी इस ऐतिहासिक जीत की खबर मिलते ही जबलपुर के ढीमर समाज मैं उत्सव का माहौल है निषाद ढीमर समाज के स्थानीय खेल संगठनों का कहना है कि यदि इरादे फौलादी हो तो संस्कारधानी का खिलाड़ी सात समुंदर पार भी अपनी चमक बिखेर सकता है। ढीमर समाज के दयाशंकर ढीमर ने कहा यह उपलब्धि हमारे समाज के युवा पीढ़ी को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगी और खेल जगत में समाज के हर एक युवाओं को देश भर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने के लिए प्रेरित करेगी।
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Prabhat umang धीवर समुदाय के एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं और लेखक हैं उन्हें लेखन का एक लंबा अनुभव है प्रभात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दैनिक स्वदेश , दैनिक स्वदेश ज्योति और नव स्वदेश समाचार पत्र में सहायक लेखक के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं प्रभात उमंग एक कुशल सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं उन्होंने धीवर समुदाय के समाज हित में सेवा कार्य किया है समाज कार्य के क्षेत्र का उन्हें एक अच्छा अनुभव है prabhat umang एक शोधकर्ता भी है