बर्मन कौन सी जाति में आते हैं?

4/5 - (4 votes)

बर्मन कौन सी जाति में आते हैं?

 

 

Burman Kaun Si Jati Me Aate Hai
Burman Kaun Si Jati Me Aate Hai

 

 

 

हिन्दू धर्म में बर्मन जाति या धीवर/ढीमर समाज के लोग नाव चलाने वाले , जलील खेती करने वाले महर्षि कालू धीवर/ ढीमर के वंशज माने जाते हैं  ढीमर /धीवर  रामायण काल से भी पहले से पृथ्वी पर मौजूद हैं ढीमर/धीवर (बर्मन) जाति का गौत्र कश्यप है मध्यप्रदेश में बर्मन जाति के लोगों का मुख्य कार्य पानी भरना, सूखे के समय पानी खोज कर सभी लोगों  की प्यास बुझाने का कार्य ढीमर समाज करना रहा है ,नाव  चलाना, मछली पालन और मछली बेचना ढीमर बर्मन का कार्य है । बर्मन समाज की उपजातियां मल्लाह, केवट,निषाद, कहार,कछार, सौंधिया, कश्यप, मल्लाह, सिंगरहा, बाथम, आदि मानी जाती है आदि है।

 

 

मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग मंत्रालय भोपाल 2014 के अनुसार -ढीमर, भोई , कहार , कहरा, चौवर/मल्लाह/नावड़ा/तुरहा – केवट (कश्यप, निषाद, रायकवार, बाथम) कीर, ब्रितिया वृत्तिया,सिंगरहा, जालारी, सोधिया आदि जिनका मुख्य कार्य मछली पकड़ना, पालकी ढोना, सिंघाड़ा च कमल गट्टा उगाना, पानी भरना, नाव चलाना है बाथम, कश्यप, रायकवार, भोई जाति, की उपजातियां इसी रूप में सम्मिलित की गई हैं।

 

 

 

Burman Kaun Si Jati Me Aate Hai
यह साल 2014 का अखबार मध्यप्रदेश में बर्मन निषाद मांझी समाज

 

 

 

कौन है भगवान गुहराज निषादराज
गंगा तट पर बसा श्रृंगवेरपुर के राजा निषाद वंश में महाराजा तीरथ निषाद एवं महारानी सुकेता निषाद के यहां चैत शुक्ल पंचमी को राजकुमार गुहराज निषाद का जन्म हुआ था एवं उनकी शादी शाहजी निषाद से हुई थी। वशिष्ठ जी के गुरूकुल में राम, लक्ष्मण, भरत एवं शत्रुघन आदि राजकुमारों के साथ निषादराज गुहराज भी पढ़ते थे, गुहराज ने राम से मित्रता आजीवन निभाई। जब रामजी को वनवास होता है वे अपने सखा के पास श्रृंगवेरपुर आते हैं उनका भव्य स्वागत होता है। श्री राम एक रात निषाद के यहां व्यतीत करते है फिर त्रिकूट के लिए विदा होते हैं। श्री राम लक्ष्मण एवं सीता के वन गमन के समय केवट की नाव उतराई अंगूठी न लेना अपने महाराज गुहराज निषाद के मित्र राम को आदर प्रदान करने वाला संतोष और उदारता का उदाहरण दिया था। श्री राम और सीता जी के मन में विशिष्ट स्थान बना लेने वाला केवट श्री निषाद राज की प्रजा के एक आदर्श उदाहरण हमारे समक्ष है। निषादराज जी ने राम के अहित की कल्पना से भरत के साथ लड़ाई की तैयारी भी कर ली थी। भरत को चित्रकूट ले जाकर श्रीराम से मिलाते हैं। 14 वर्ष का वनवास समाप्त होने पर श्रीराम गुहराज निषाद से मिलने श्रृंगवेरपुर आते हैं। श्रीराम अपने बाल सखा को वाहन में बैठाकर वापस अयोध्या आते हैं और विदाई के समय श्रीराम सिर्फ गुहराज निषाद को आते रहना कहते हैं जो स्वयं यह प्रमाणित करता है कि उनकी मित्रता कितनी प्रगाढ थी ।

 

 

All India Dhiwar Mahasabha jabalpur 1949 – धीवर/ढीमर समाज का मध्य प्रदेश में सबसे पहला संगठन ऑल इंडिया धीवर महासभा जबलपुर 1949 है जो पूरे भारत के ढीमर धीवर समाज का नेतृत्व करता था जिसका मुख्यालय जबलपुर मध्यप्रदेश में था इस महासभा के संस्थापक परसराम ढीमर थे। इस संगठन के होने के ऐतिहासिक प्रमाण भी है।

 

 

बर्मन जाति या धीवर/ ढीमर समाज का मुख्य भोजन गेहूं दाल चावल तिली सरसों है प्रारंभ प्राचीन समय से ही ज्यादातर इस समुदाय के लोग मछली पालन और मछली का व्यापार करते हैं और जिनके पूर्वज गंगा तट पर उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद वनारस में रहते हैं आज के आधुनिक युग में ढीमर /धीवर जाति के लोग हर क्षेत्र मे अपना हुनर कौशल दिखा रहे हैं आज हर प्रकार के व्यापारी भी है शासकीय सेवक भी है हिंदी सिने जगत में भी है राजनीतिक जगत में भी समाज के लोग अपनी प्रतिभा के दम पर स्थापित है उन्नत दिशाओं में कदम भी बढ़ा रहे हैं। आज समाज के युवा वर्ग शिक्षित है और शिक्षा की क्षेत्र में उन्नति भी कर रहे हैं आज ढीमर समाज के अनेको संगठन है जो पूरे भारतवर्ष में है समाज के हित में लगातार कार्य कर रहे हैं केरल और छत्तीसगढ़ में धीवर/ढीमर महासभा है जो ढीमर समुदाय के सबसे बड़े संगठन है ।

 

 

 

नोट – आपको हमारा यह लेख कैसा लगा कमेंट करके जरूर बतायें यदि आप हमसे संपर्क करना चाहते हैं तो prabhatkikalam@gmail.com कर सकते हैं आपको हमारा यह लेख अच्छा लगा हो तो अपने दोस्तों परिवार और परिचितों में शेयर करें ढीमर /धीवर समाज की जानकारियों और खबरों के लिए बने रहिए आपकी अपनी वेबसाइट प्रभात की कलम Prabhat ki Kalam के साथ जहां आपको सामाजिक हित की समस्त जानकारी उपलब्ध है

 

6 thoughts on “बर्मन कौन सी जाति में आते हैं?”

  1. हम भी बर्मन समाज में आते हैं हिंदू धर्म में आते हैं राम जी भी हमारे मित्र हैं जय श्री राम

    Reply
  2. जैसा कि आपके बर्मन ढीमर ये सभी एक ही जाती के है
    सरकारी दस्तावेज में इनका उल्लेख कहा है कृपया बताइए ?

    Reply
    • माननीय महोदय जी इस लेख में हमने अखबार डाला है जो प्रमाण है दस्तावेज है बर्मन सरनेम जिनका है उनका जाति प्रमाण पत्र ढीमर है और जाति प्रमाण पत्र सार्वजनिक रूप से नहीं दिखाया जा सकता किसी भी व्यक्ति विशेष का।

      Reply

Leave a Comment

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now