*संत-महंतों ने महंत राजेश्वरानंद महाराज को मंदिर संचालन की जिम्मेदारी सौंपी*

लक्ष्मी नारायण आश्रम मे हाल ही में भक्ति और सेवा का एक अनुपम संगम देखने को मिला श्री राम जानकी जनकल्याण समिति और आश्रम की पीठाधीश्वर महंत साध्वी सवितादास माताजी के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित इस भव्य संत समागम एवं भंडारा कार्यक्रम ने क्षेत्र के वातावरण को पूरी तरह धर्ममय कर दिया।
6 फरवरी 2026 को सुहागी स्थित श्री लक्ष्मी नारायण आश्रम में संत समागम एवं भंडारे का भव्य आयोजन किया गया, कार्यक्रम का आयोजन श्री राम जानकी जनकल्याण समिति एवं आश्रम की पीठाधीश्वर महंत साध्वी सवितादास माताजी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, आमंत्रित जगद्गुरु स्वामी नरसिंह देवाचार्य महाराज सहित संत-महंतों एवं ब्राह्मणों का शाल श्रीफल एवं पुष्पहारों से स्वागत सम्मान किया, संत पूजन के पश्चात उपस्थित संत-महंतों को आश्रम द्वारा संचालित धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों की जानकारी दी गई, कार्यक्रम के दौरान महंत साध्वी सवितादास माताजी ने मंदिर पूजन एवं संचालन व्यवस्था के लिए महंत राजेश तिवारी उर्फ़ राजेश्वरानंद महाराज को दायित्व सौंपा, साथ ही उन्होंने वसीयत के माध्यम से मां रेवा कॉलोनी सुहागी स्थित राम-जानकी मंदिर के संपूर्ण संचालन देखभाल एवं व्यवस्था का अधिकार भी उन्हें प्रदान किए जाने की घोषणा की,।
इस आयोजन में केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं बल्कि मानवता और सेवा का संदेश भी प्रमुख रहा विभिन्न क्षेत्रों से पधारे प्रबुद्ध संतों और महात्माओं ने अपने प्रवचनों से भक्तों को आध्यात्मिक मार्ग दिखाया संतो के सानिध्य में श्रोताओं ने आध्यात्मिक शांति और ज्ञान का अनुभव किया महंत साध्वी सविता दास माताजी के नेतृत्व में संपूर्ण कार्यक्रम की व्यवस्था अत्यंत अनुशासित और भाव रही उनके आशीर्वाद वचन कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही नर सेवा ही नारायण सेवा है कि अधिक को सार्थक करते हुए हजारों श्रद्धालुओं ने एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया समिति के स्वयंसेवकों ने सेवा भाव के साथ इस विशाल भंडारे का प्रबंधन किया।
श्री राम जानकी जन कल्याण समिति और लक्ष्मी नारायण आश्रम का यह संयुक्त प्रयास समाज में एकता और धार्मिक चेतना जगाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है समिति के सदस्यों ने बताया कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य न केवल धार्मिक परंपराओं का निर्माण करना है बल्कि समाज के हर वर्ग को एक सूत्र में पिरोना भी है जब संतों का सानिध्य और सेवा का संकल्प एक साथ मिलते हैं तो वह स्थान साक्षात बैकुंठ बन जाता है लक्ष्मी नारायण आश्रम में आयोजित यह समागम इसी सत्य का प्रतीक है।
इस कार्यक्रम में स्थानीय जनमानस पर गहरा प्रभाव छोड़ा श्रद्धा विश्वास और समर्पण के इस त्रिवेणी संगम में शामिल होकर श्रद्धालु भाव विभोर नजर आए। संतो के उद्बोधन ने जहां मानसिक शांति प्रदान की वही भंडारे के माध्यम से सामाजिक समरसता का उदाहरण पेश किया गया।
समारोह में जबलपुर साधु मंडल के संत-महंतों की विशेष उपस्थिति रही, जिनमें रामजी शरण, प्रकाशानंद, रामेश्वरानंद गौ आश्रम नारायण दास, दिलीप दास, ताराचंद्र, सुमन दास, संगीता गिरी, मंडल के कोतवाल, रामदास, नगर सभा मंत्री संतोष शास्त्री संपर्क प्रमुख धर्माचार्य मुन्ना पांडे सहित संतजन शामिल रहें, कार्यक्रम में समिति पदाधिकारियों व गणमान्य नागरिकों की भी उपस्थिति रही, जिनमें अध्यक्ष सवितादास माताजी, उपाध्यक्ष मोहित तिवारी, सचिव पं. हरिशंकर तिवारी, कोषाध्यक्ष राजेश महाराज, संयुक्त सचिव सरिता तिवारी, सदस्य विनोद कुमार दुबे, अभिषेक निगम, धर्मेन्द्र ताम्रकार, विधि सलाहकार एडवोकेट पं. श्याम तिवारी, बृजेन्द्र पाण्डेय, बद्री प्रसाद मिश्रा, पं. शिवराम मिश्रा, राजकुमार तिवारी, आर. के. द्विवेदी, अश्विनी कुमार द्विवेदी, योगेश सिंह राणा सहित क्षेत्रीय नागरिक मौजूद रहें, संत-महंतों एवं विद्वतजनों ने आयोजन की सराहना करते हुए महंत साध्वी सवितादास माताजी को शुभकामनाएं दीं तथा सनातन धर्म के लिए किए जा रहे उनके कार्यों की प्रशंसा की, अंत में श्रद्धालुओं को पूजन प्रसाद व भंडारे का वितरण किया गया ।
Prabhat umang धीवर समुदाय के एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं और लेखक हैं उन्हें लेखन का एक लंबा अनुभव है प्रभात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दैनिक स्वदेश , दैनिक स्वदेश ज्योति और नव स्वदेश समाचार पत्र में सहायक लेखक के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं प्रभात उमंग एक कुशल सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं उन्होंने धीवर समुदाय के समाज हित में सेवा कार्य किया है समाज कार्य के क्षेत्र का उन्हें एक अच्छा अनुभव है prabhat umang एक शोधकर्ता भी है