माझी की हुंकार जनगणना में भागीदारी बने अपनी पहचान दर्ज कराएं समाज को आगे बढ़ाएं

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माझी की हुंकार जनगणना में भागीदारी बने अपनी पहचान दर्ज कराएं समाज को आगे बढ़ाएं

 

 

Majhi ki hunkar janganana mein bhagidari bane apni pahchan darj karaen Samaj Ko aage badhaen
Majhi ki hunkar janganana mein bhagidari bane apni pahchan darj karaen Samaj Ko aage badhaen

 

 

 

भारत की 16 वीं जनगणना दिनांक 01 मई 2027 से 31 मई 2027 तक प्रारंभ होना तय है। समाज के समस्त स्वजातिय बन्धुओं की अलग-अलग धारणा है के अनुसार कुछ साथियों द्वारा समाज को स्वजातिय नाम जैसे निषाद, माझी एवं अन्य लिखे जाने की सलाह दी जाती है।

 

 

आपको अवगत कराना चाहूंगा कि जनगणना पोर्टल पर प्रगणक (शासकीय अधिकारी/कर्मचारी के द्वारा कुल 34 प्रश्न पूछे जाने है उनमें प्रश्न कमांक 11 पर परिवार के मुख्या का नाम एवं 12 पर लिंग तथा 13 पर आपके समुदाय / जाति की जानकारी चाही गई है।

1- अनुसूचित जाति

2- अनुसूचित जनजाति

3- अन्य

विशेष ध्यान देने की जरूरत हे कि यदि हमारे स्वजातिय सरनेम के जो भी सदस्य है

 

 

भ्रम में न रहें: ‘अन्य’ का मतलब ‘हम’ नहीं!
यदि 3-अन्य का विकल्प चयन करेंगे तो उनकी गणना अन्य पर की जावेगी। जैसे अन्य सामान्य वर्ग जिसमें ब्राम्हण, क्षत्रिय, जैन, वैश्य के साथ, पिछडे वर्ग की समस्त जातिया जो सम्पन्न वर्ग में आती हैं उसमें आपकी गणना की जावेगी। ध्यान देने की जरूरत है कि इसमें आपके स्वजातिय सरनेम कहीं भी शामिल नही है। जैसे (ढीमर, केवट, भोई, मल्लाह इत्यादी समस्त स्वजातिय समूह) इसलिए आप सभी मध्य प्रदेश के सामाजिक बंधु जो प्रदेश भर में विभिन्न सरनेम जाति उपजाति से पहचाने जाते हैं जैसे बर्मन,सिगरहा, माझी,बिन्द, कश्यप, रैकवार आदि।

 

 

सुधार के लिए मुख्य सुझाव: यदि आप सभी 2- अनुसूचित जनजाति का विकल्प चयन करेंगे तो जाति के सरल क्रमांक 28 पर दर्ज होने से आपकी गणना माझी समुदाय के अंतर्गत की जावेगी। जैसा कि आपको विदित है कि माझी समुदाय के अंतर्गत (ढीमर, केवट, भोई, मल्लाह इत्यादी समस्त स्वजातिय समूह) माझी समुदाय के अंतर्गत आते है। यह भारत सरकार द्वारा प्रमाणित दस्तावेज में है 1949 को ढीमर महासभा जबलपुर मध्यप्रदेश द्वारा तत्कालीन भारत को पत्र लिखकर मांग की गई थी जिस माझी मझवार को अनुसूचित जनजाति में शामिल कर लिया गया था लेकिन बाद में हटा दिया गया यही हमारी शासन से लड़ाई है कि कोष्टक में दर्ज समस्त स्वजाति / सरनेम को माझी समुदाय का पर्यायवाची शब्द माना जाये ।

 

 

राष्ट्रीय अभिलेखागार का पत्र क्रमांक 190: जबलपुर 1949 अधिवेशन और मांझी-धीवर समाज के आरक्षण का ऐतिहासिक सच

 

 

 

अतः समस्त सम्मनीय साथियों अनुरोध है कि अनुसूचित जनजाति का विकल्प चयन करेंगे तो जाति के सरल कमांक 28 पर दर्ज होने से आपकी गणना माझी समुदाय के अंतर्गत की जावेगी। यदि आपने 3 अन्य का विकल्प चुना तो आपकी गणना ब्राम्हण, क्षत्रिय, जैन, वैश्य के साथ, पिछडे वर्ग की समस्त जातिया जो सम्पन्न वर्ग में की जावेगी।

 

 

क्यों है आवश्यक 2- अनुसूचित जनजाति चुनना
भारत सरकार ने जाति कालम को केवल तीन भागों में विभाजित किया है

  1. अनुसूचित जाति
  2. अनुसूचित जनजाति
  3.  अन्य

 

यदि आप 2- अनुसूचित जनजाति चुनते हैं तो आपकी गणना माझी जाति में की जाएगी जों कि 28 नंबर पर दर्ज है और यदि आपने अन्य का विकल्प चुन लिया तो आप पिछड़ा वर्ग में सम्मिलित हो जाएंगे इसलिए आप 2- अनुसूचित जनजाति ही चुने और अपनी जाति माझी दर्ज कराए।

 

 

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भारत की 16वीं जनगणना (Census 2027) एक ऐतिहासिक और पूरी तरह से डिजिटल अभ्यास होने जा रही है। कोरोना महामारी के कारण 2021 में होने वाली जनगणना में देरी हुई, जो अब 2026-27 के दौरान संपन्न हो रही है।

 

यहाँ जनगणना 2027 से जुड़ी मुख्य बातें दी गई हैं:
​1. दो चरणों में प्रक्रिया
​यह जनगणना दो मुख्य चरणों में विभाजित है:
प्रथम चरण (अप्रैल – सितंबर 2026): इस चरण में मकान सूचीकरण (House Listing) और आवास गणना की जा रही है। इसमें मकान की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं और संपत्तियों से जुड़े लगभग 33 सवाल पूछे जा रहे हैं।

 

 

द्वितीय चरण (फरवरी 2027): इसे जनसंख्या गणना (Population Enumeration) कहा जाता है। इसमें व्यक्तियों की विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी। 1 मार्च 2027 की मध्यरात्रि को इसकी ‘संदर्भ तिथि’ माना गया है।

 

 

2. डिजिटल जनगणना और ‘स्व-गणना’ 
​मोबाइल ऐप: पहली बार प्रगणक (Enumerators) कागज के बजाय मोबाइल ऐप के जरिए डेटा दर्ज करेंगे।
​खुद भरें अपना डेटा: नागरिकों को स्व-गणना (Self-Enumeration) की सुविधा दी गई है। लोग आधिकारिक पोर्टल पर जाकर खुद अपने परिवार का विवरण भर सकते हैं। इसके बाद उन्हें एक ID मिलेगी, जिसे बाद में आने वाले जनगणना कर्मी को दिखाना होगा।
​बहुभाषी सुविधा: यह ऐप और पोर्टल हिंदी और अंग्रेजी सहित 16 भाषाओं में उपलब्ध है।

 

 

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नोट – आप सभी ढीमर मल्लाह केवट भोई सिंगरहा आदि सभी माझी शब्द का प्रयोग करें आपको हमारी यह जानकारी कितनी उपयोगी लगी कमेंट जरुर बताएं। माझी आरक्षण से जुड़ी सभी अपडेट्स पाने के लिए बने रहिए आपके अपने न्यूज पोर्टल प्रभात की कलम पर जहां आपको मिलती है मध्य प्रदेश निषाद माझी समाज की सभी अपडेट्स सबसे तेज। यदि आप हमें किसी प्रकार का सुझाव देना चाहते हैं तो आप हमें ईमेल prabhatkikalam@gmail.comपर भेज सकते हैं।

 

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