घर-घर बिराजेंगे गणेश जी जानिए गणेश चतुर्थी शुभ मुहूर्त 2025

गणेश चतुर्थी का सनातन धर्म में विशेष महत्व है गणेश चतुर्थी पर्व को विनायक चतुर्थी पर्व के नाम से भी जाना जाता है गणेश चतुर्थी पर्व भगवान श्री गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है भगवान श्री गणेश को बुद्धि ,समृद्धि और सौभाग्य का देवता माना जाता है भगवान श्री गणेश सभी देवताओं में प्रथम पूज्य देवता हैं और उन्हें विघ्नहर्ता के नाम से भी जाना जाता है जो मनुष्य के जीवन में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करते हैं यह त्यौहार भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को 10 दिनों तक बड़े ही उत्साह और भक्ति भाव के साथ मनाया जाता है।
गणेश चतुर्थी के दिन भक्त अपने घरों और सार्वजनिक पंडालों में भगवान श्री गणेश की सुंदर मूर्ति स्थापित करते हैं देश भर में गणेश चतुर्थी का त्यौहार हर्षोल्लास और उत्साह उमंग के साथ मनाया जाता है महाराष्ट्र राज्य में गणेश पूजा की सर्वाधिक धूम रहती है हर साल भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरितालिका तीज मनाई जाती है इसके अगले दिन भगवान का श्री गणेश महोत्सव शुरू हो जाता है साल 2025 में 25 अगस्त को दोपहर 12:34 पर भाद्र पक्ष माह के शुक्ल पक्ष की तृतीय शुरू होगी और 26 अगस्त को दोपहर 1:54 पर तृतीय समाप्त हो जाएगी 26 अगस्त को हरितालिका तीज मनाई जा रही है और 27 अगस्त को गणेश उत्सव का पर्व मनाया जाएगा।
भगवान गणेश जी की स्थापना शुभ मुहूर्त 2025- गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश जी की स्थापना की जाती है धार्मिक विद्वानों के अनुसार 27 अगस्त 2025 को सुबह 11:05 से लेकर दोपहर 1:41 तक का शुभ मुहूर्त रहेगा इस अवधि में गणपति जी की मूर्ति स्थापना कर सकते हैं।
गणेश चतुर्थी का मुख्य पर्व 27 अगस्त को मनाया जाएगा गणेश स्थापना का शुभ मुहूर्त 27 अगस्त को सुबह 11:06 बजे से दोपहर 1:39 बजे तक है यह समय भगवान गणेश के जन्म का माना जाता है इसलिए इसे सबसे शुभ माना जाता है 6 सितंबर 2025 को अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश विसर्जन होगा।
गणेश चतुर्थी का प्रारंभ 26 अगस्त 2025 को दोपहर 1:55 बजे पर होगा ।
चतुर्थी तिथि का समापन 27 अगस्त 2025 को दोपहर 3: 43 बजे तक होगा।
गणेश जी की पूजा आरती- 10 दिनों तक प्रतिदिन पूर्ण विधि विधान के साथ भगवान श्री गणेश जी की पूजा की जाती है पूजा के दौरान भगवान श्री गणेश की आरती गाई जाती है उनका भजन किया जाता है।
प्रसाद का भोग- आरती के बाद भगवान गणेश जी को मोदक का भोग लगाया जाता है जो उनका सबसे प्रिय व्यंजन है इसके अलावा मगज के लड्डू ,मिठाइयां ,फल, पकवान आदि का भी भोग लगाया जाता है।
सार्वजनिक उत्सव- महाराष्ट्र मध्य प्रदेश कर्नाटक गोवा सहित देश भर में गणित उत्सव पर्व पर बड़े-बड़े पंडाल सजाए जाते हैं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है भव्य झांकियां निकाली जाती हैं।
गणेश जी का विसर्जन- गणेश चतुर्थी के उत्सव का पहला दिन माना जाता है अनंत चतुर्दशी के दिन दसवें दिन भगवान श्री गणेश जी का विसर्जन होता है पूरे हर्ष उल्लास के साथ गज-बाजू के साथ जुलूस निकालकर गणेश जी की मूर्तियों का जल में विसर्जन किया जाता है यह विसर्जन इस बात का प्रतीक है कि भगवान गणेश जी अपने भक्तों के दुख और कष्टों को अपने साथ ले जाते हैं सभी भक्तगण अगले साल फिर से उनके आने की कामना करते हुए गणपति बप्पा मोरिया अगले बरस तू जल्दी आ का जयकारा लगाते हैं।
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