हरियाली तीज की पूजा इस शुभ मुहूर्त पर करें व्रत में रखें ये विशेष सावधानियाँ

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हरियाली तीज की पूजा इस शुभ मुहूर्त पर करें व्रत में रखें ये विशेष सावधानियाँ

 

Hariyali Teej ki Puja is Shubh muhurt per Kare vrat me rakhe ye Vishesh savdhaniya
Hariyali Teej ki Puja is Shubh muhurt per Kare vrat me rakhe ye Vishesh savdhaniya

 

 

हरियाली तीज का पर्व सुहागन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है हरियाली तीज का व्रत विवाहित महिलाएं पति की लंबी आयु और अविवाहित युवतियां अच्छे वर की प्राप्ति के लिए रखती हैं। हरियाली तीज के व्रत सावन मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है। इस व्रत को शादीशुदा और अविवाहित दोनों ही लड़कियां रखती हैं। शादीशुदा महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और अविवाहित महिलाएं अच्छे वर की प्राप्ति के लिए यह व्रत रखती है। इस दिन माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा अर्चना की जाती है।

 

 

Hariyali Teej ki Puja is Shubh muhurt per Kare vrat me rakhe ye Vishesh savdhaniya
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पंडित आयुष दुबे के अनुसार हरियाली तीज 2025 पूजा शुभ मुहूर्त-
वैदिक पंचांग के अनुसार, सावन शुक्ल तृतीया तिथि का आरंभ 26 जुलाई शनिवार रात 10 बजकर 42 मिनट पर होगी और 27 जुलाई की रात 10 बजकर 41 मिनट तक रहेगी। शास्त्रों के विधान के अनुसार, उदय तिथि के अनुसार, हरियाली तीज का व्रत 27 जुलाई रविवार के दिन रखा जाएगा पंडित आयुष दुबे का कहना है कि इस वर्ष हरियाली तीज का व्रत महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दिन रवि योग बन रहा है जो व्रत के प्रभाव को और अधिक शुभ बनता है यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन का प्रतीक माना जाता है हरियाली तीज का व्रत शादीशुदा महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र वैवाहिक जीवन में सुख शांति और प्रेम के लिए यह व्रत रखती हैं भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की पूजा पूर्ण भक्ति भाव के साथ करती हैं स्वच्छ और निर्मल मन से की गई भक्ति से प्रसन्न होकर प्रभु भोलेनाथ और माता पार्वती अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।

 

 

*पंडित आयुष दुबे के अनुसार हरियाली तीज व्रत की पूजा विधि*

  • हरियाली तीज के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • इसके बाद सबसे पहले अपने पूजाघर को साफ करें और गंगाजल छिड़ककर पूजा घर को पवित्र करें।
  • इसके बाद एक लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर माता पार्वती और भगवान शिव की प्रतिमा स्थापित करें।
  • इसके बाद घी का दीपक जलाकर व्रत का संकल्प लें और फिर माता पार्वती को श्रृंगार की सारी सामग्री अर्पित करें।
  • इस बात का ध्यान रखें की माता पार्वती और भगवान शिव की प्रतिमा बालू से बनी होनी चाहिए। अगर बालू की प्रतिमा न हो तो आप तस्वीर भी रख सकते हैं।
  • इसके बाद सबसे पहले हाथ जोड़कर भगवान शिव और माता पार्वती की आवाहन करें और इसके बाग शिवजी का अभिषेक करें और माता पार्वती को श्रृंगार का सामान अर्पित करें।
  • इसके बाद हरियाली तीज व्रत कथा का पाठ करें और अंत में शिव पार्वती की आरती करे और हाथ जोड़कर पूजा में हुई कोई भी भूल चूक के लिए माफी मांगे।
  • अगले दिन बालू से बनी प्रतिमा को किसी नदी में विसर्जित कर दें।

 

 

माता पार्वती की पूजा के लिए श्रृंगार का सामान
पूजा के लिए श्रृंगार का सामान जैसे हरे रंग की साड़ी या हरी – लाल चुनरी रखें। इसके साथ सिंदूर कंघी चूड़ी खोल कुमकुम बिछुआ बिंदी दर्पण इत्र और मेहंदी जरुर चढ़ाएं यह पूजन की आवश्यक सामग्री है।

 

 

Hariyali Teej ki Puja is Shubh muhurt per Kare vrat me rakhe ye Vishesh savdhaniya
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पंडित आयुष दुबे के अनुसार हरियाली तीज व्रत पर रखने वाली सावधानियां –

1.झूठ नकारात्मक व्यवहार विचार से दूर रहें- हरियाली तीज का व्रत रखने के दौरान झूठ ना बोले सभी से अच्छा व्यवहार रखें लड़ाई झगड़ा ना करें किसी से बहस ना करें सकारात्मक सोच के साथ शांत मन से व्रत रखें भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती का ध्यान लगाए भजन गाएं।

 

2. निर्जला व्रत का सही पालन करें- हरियाली तीज पर बहुत सी महिलाएं व्रत रखने के दौरान पानी पी लेती हैं या चाय पी लेती हैं या कुछ थोड़े फल खा लेती हैं लेकिन ऐसा ना करें यह व्रत पूर्णता निर्जला रखा जाता है ऐसा करने से यह व्रत टूट सकता है यह व्रत अन्य जल का सेवन किए बिना ही रखा जाता है और सफल माना जाता है।

 

 

3.दिन में ना सोए- हरियाली तीज का व्रत रखने वाली बहुत सी महिलाएं माता बहने व्रत के चलते थकान होने से सो जाती हैं लेकिन तीज व्रत के दिन सोना वर्जित माना गया है अतः ध्यान रखें इस दिन आपको सोना नहीं है भजन कीर्तन में मन लगाना है भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की आराधना करें।

 

 

4.आवश्यक है 16 श्रृंगार- हरियाली तीज का व्रत कुछ महिलाएं बिना 16 श्रृंगार के ही कर लेती हैं बिना श्रृंगार की यह व्रत अधूरा माना जाता है हरियाली तीज का त्यौहार 16 श्रृंगार और सुहाग की निशानी है इस दिन श्रंगार करना बेहद आवश्यक माना गया है चूड़ी, बिंदी ,गहने ,सिंदूर, मेहंदी लगाना और महावर लगाना आवश्यक है सुहाग की निशानियां है। क्योंकि यह व्रत सुहागन स्त्रियां अपने पति की लंबी आयु के लिए रखती हैं।

 

5.व्रत करने के बाद दान करें –हरियाली तीज का व्रत पूर्ण होने के बाद अन्य जल का दान करना बहुत शुभ होता है दान पुण्य करने से यह व्रत पूर्ण माना जाता है जो महिलाएं व्रत पूर्ण के बाद दान नहीं करती उन्हें अधूरा पुण्य मिल सकता है इसलिए दान अवश्य करें।

 

FAQ.

1.कब है हरियाली तीज का व्रत?*
पंचांग के अनुसार, सावन शुक्ल तृतीया तिथि का आरंभ 26 जुलाई शनिवार रात 10 बजकर 42 मिनट पर होगी और 27 जुलाई की रात 10 बजकर 41 मिनट तक रहेगी। शास्त्रों के विधान के अनुसार, उदय तिथि के अनुसार, हरियाली तीज का व्रत 27 जुलाई रविवार के दिन रखा जाएगा।

 

 

नोट – यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं पंचांग, ज्योतिष और धार्मिक ग्रंथो पर आधारित है यहां दी गई सूचना तथ्यों की सटीकता स्पष्ट के लिए प्रभात की कलम उत्तरदाई नहीं है । यदि आपको हमारी यह जानकारी उपयोगी लगी हो तो लाइक शेयर करना ना भूले यदि आप हमें किसी प्रकार का सुझाव देना चाहते हैं या आप हमसे संपर्क करना चाहते हैं तो आप हमें ईमेल prabhatkikalam@gmail.com पर भेज सकते हैं ।

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